लग्न सारणी · श्रीनगर
बुधवार, 2 अक्टूबर 202406:2618:13
पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि लगभग हर दो घंटे में बदलती है; स्थायी कार्य के लिए स्थिर राशियाँ (वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुंभ) श्रेष्ठ मानी जाती हैं।
- 6कन्याद्विस्वभाव2 घं. 22 मि.05:18 –07:40
- 7तुलाचर2 घं. 25 मि.07:40 –10:05
- 8वृश्चिकस्थिर2 घं. 22 मि.10:05 –12:27
- 9धनुद्विस्वभाव2 घं. 3 मि.12:27 –14:30
- 10मकरचर1 घं. 37 मि.14:30 –16:07
- 11कुम्भस्थिर1 घं. 21 मि.16:07 –17:28
- 12मीनद्विस्वभाव1 घं. 19 मि.17:28 –18:47
- 1मेषचर1 घं. 30 मि.18:47 –20:17
- 2वृषभस्थिर1 घं. 53 मि.20:17 –22:10
- 3मिथुनद्विस्वभाव2 घं. 16 मि.22:10 –00:26, 3 अक्टू॰
- 4कर्कचर2 घं. 25 मि.00:26, 3 अक्टू॰ –02:51, 3 अक्टू॰
- 5सिंहस्थिर2 घं. 23 मि.02:51, 3 अक्टू॰ –05:14, 3 अक्टू॰
- 6कन्याद्विस्वभाव2 घं. 23 मि.05:14, 3 अक्टू॰ –07:37, 3 अक्टू॰
श्रीनगर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
लग्न सारणी
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
इस दिन के लिए और
लग्न सारणी — प्रश्न और उत्तर
लग्न सारणी क्या है?
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
श्रीनगर में 2 अक्टूबर 2024 की लग्न सारणी क्या है?
सूर्योदय 06:26 से उदय लग्न: हर उदित राशि उसके आरम्भ और समाप्ति समय सहित।