लग्न सारणी · प्रयागराज
रविवार, 18 अक्टूबर 202606:0217:33
पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि लगभग हर दो घंटे में बदलती है; स्थायी कार्य के लिए स्थिर राशियाँ (वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुंभ) श्रेष्ठ मानी जाती हैं।
- 6कन्याद्विस्वभाव2 घं. 13 मि.03:51 –06:04
- 7तुलाचर2 घं. 16 मि.06:04 –08:20
- 8वृश्चिकस्थिर2 घं. 17 मि.08:20 –10:37
- 9धनुद्विस्वभाव2 घं. 5 मि.10:37 –12:42
- 10मकरचर1 घं. 45 मि.12:42 –14:27
- 11कुम्भस्थिर1 घं. 31 मि.14:27 –15:58
- 12मीनद्विस्वभाव1 घं. 28 मि.15:58 –17:26
- 1मेषचर1 घं. 38 मि.17:26 –19:04
- 2वृषभस्थिर1 घं. 57 मि.19:04 –21:01
- 3मिथुनद्विस्वभाव2 घं. 14 मि.21:01 –23:15
- 4कर्कचर2 घं. 18 मि.23:15 –01:33, 19 अक्टू॰
- 5सिंहस्थिर2 घं. 14 मि.01:33, 19 अक्टू॰ –03:47, 19 अक्टू॰
- 6कन्याद्विस्वभाव2 घं. 13 मि.03:47, 19 अक्टू॰ –06:00, 19 अक्टू॰
- 7तुलाचर2 घं. 17 मि.06:00, 19 अक्टू॰ –08:17, 19 अक्टू॰
प्रयागराज के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
लग्न सारणी
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
इस दिन के लिए और
लग्न सारणी — प्रश्न और उत्तर
लग्न सारणी क्या है?
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
प्रयागराज में 18 अक्टूबर 2026 की लग्न सारणी क्या है?
सूर्योदय 06:02 से उदय लग्न: हर उदित राशि उसके आरम्भ और समाप्ति समय सहित।