लग्न सारणी · नासिक
गुरुवार, 3 दिसंबर 202606:5417:54
पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि लगभग हर दो घंटे में बदलती है; स्थायी कार्य के लिए स्थिर राशियाँ (वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुंभ) श्रेष्ठ मानी जाती हैं।
- 8वृश्चिकस्थिर2 घं. 15 मि.05:43 –07:58
- 9धनुद्विस्वभाव2 घं. 5 मि.07:58 –10:03
- 10मकरचर1 घं. 49 मि.10:03 –11:52
- 11कुम्भस्थिर1 घं. 36 मि.11:52 –13:28
- 12मीनद्विस्वभाव1 घं. 33 मि.13:28 –15:01
- 1मेषचर1 घं. 43 मि.15:01 –16:44
- 2वृषभस्थिर2 घं. 0 मि.16:44 –18:44
- 3मिथुनद्विस्वभाव2 घं. 12 मि.18:44 –20:56
- 4कर्कचर2 घं. 14 मि.20:56 –23:10
- 5सिंहस्थिर2 घं. 9 मि.23:10 –01:19, 4 दिस॰
- 6कन्याद्विस्वभाव2 घं. 8 मि.01:19, 4 दिस॰ –03:27, 4 दिस॰
- 7तुलाचर2 घं. 12 मि.03:27, 4 दिस॰ –05:39, 4 दिस॰
- 8वृश्चिकस्थिर2 घं. 15 मि.05:39, 4 दिस॰ –07:54, 4 दिस॰
नासिक के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
लग्न सारणी
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
इस दिन के लिए और
लग्न सारणी — प्रश्न और उत्तर
लग्न सारणी क्या है?
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
नासिक में 3 दिसंबर 2026 की लग्न सारणी क्या है?
सूर्योदय 06:54 से उदय लग्न: हर उदित राशि उसके आरम्भ और समाप्ति समय सहित।