लग्न सारणी · नासिक
बुधवार, 30 सितंबर 202606:2518:24
पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि लगभग हर दो घंटे में बदलती है; स्थायी कार्य के लिए स्थिर राशियाँ (वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुंभ) श्रेष्ठ मानी जाती हैं।
- 6कन्याद्विस्वभाव2 घं. 8 मि.05:35 –07:43
- 7तुलाचर2 घं. 12 मि.07:43 –09:55
- 8वृश्चिकस्थिर2 घं. 14 मि.09:55 –12:09
- 9धनुद्विस्वभाव2 घं. 6 मि.12:09 –14:15
- 10मकरचर1 घं. 49 मि.14:15 –16:04
- 11कुम्भस्थिर1 घं. 35 मि.16:04 –17:39
- 12मीनद्विस्वभाव1 घं. 34 मि.17:39 –19:13
- 1मेषचर1 घं. 43 मि.19:13 –20:56
- 2वृषभस्थिर1 घं. 59 मि.20:56 –22:55
- 3मिथुनद्विस्वभाव2 घं. 13 मि.22:55 –01:08, 1 अक्टू॰
- 4कर्कचर2 घं. 14 मि.01:08, 1 अक्टू॰ –03:22, 1 अक्टू॰
- 5सिंहस्थिर2 घं. 9 मि.03:22, 1 अक्टू॰ –05:31, 1 अक्टू॰
- 6कन्याद्विस्वभाव2 घं. 8 मि.05:31, 1 अक्टू॰ –07:39, 1 अक्टू॰
नासिक के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
लग्न सारणी
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
इस दिन के लिए और
लग्न सारणी — प्रश्न और उत्तर
लग्न सारणी क्या है?
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
नासिक में 30 सितंबर 2026 की लग्न सारणी क्या है?
सूर्योदय 06:25 से उदय लग्न: हर उदित राशि उसके आरम्भ और समाप्ति समय सहित।