लग्न सारणी · नासिक
गुरुवार, 1 जनवरी 202607:1018:07
पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि लगभग हर दो घंटे में बदलती है; स्थायी कार्य के लिए स्थिर राशियाँ (वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुंभ) श्रेष्ठ मानी जाती हैं।
- 9धनुद्विस्वभाव2 घं. 5 मि.06:03 –08:08
- 10मकरचर1 घं. 49 मि.08:08 –09:57
- 11कुम्भस्थिर1 घं. 36 मि.09:57 –11:33
- 12मीनद्विस्वभाव1 घं. 33 मि.11:33 –13:06
- 1मेषचर1 घं. 43 मि.13:06 –14:49
- 2वृषभस्थिर2 घं. 0 मि.14:49 –16:49
- 3मिथुनद्विस्वभाव2 घं. 12 मि.16:49 –19:01
- 4कर्कचर2 घं. 14 मि.19:01 –21:15
- 5सिंहस्थिर2 घं. 9 मि.21:15 –23:24
- 6कन्याद्विस्वभाव2 घं. 8 मि.23:24 –01:32, 2 जन॰
- 7तुलाचर2 घं. 12 मि.01:32, 2 जन॰ –03:44, 2 जन॰
- 8वृश्चिकस्थिर2 घं. 15 मि.03:44, 2 जन॰ –05:59, 2 जन॰
- 9धनुद्विस्वभाव2 घं. 5 मि.05:59, 2 जन॰ –08:04, 2 जन॰
नासिक के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
लग्न सारणी
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
इस दिन के लिए और
लग्न सारणी — प्रश्न और उत्तर
लग्न सारणी क्या है?
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
नासिक में 1 जनवरी 2026 की लग्न सारणी क्या है?
सूर्योदय 07:10 से उदय लग्न: हर उदित राशि उसके आरम्भ और समाप्ति समय सहित।