लग्न सारणी · जयपुर
गुरुवार, 19 नवंबर 202606:4917:35
पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि लगभग हर दो घंटे में बदलती है; स्थायी कार्य के लिए स्थिर राशियाँ (वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुंभ) श्रेष्ठ मानी जाती हैं।
- 8वृश्चिकस्थिर2 घं. 18 मि.06:41 –08:59
- 9धनुद्विस्वभाव2 घं. 4 मि.08:59 –11:03
- 10मकरचर1 घं. 44 मि.11:03 –12:47
- 11कुम्भस्थिर1 घं. 29 मि.12:47 –14:16
- 12मीनद्विस्वभाव1 घं. 27 मि.14:16 –15:43
- 1मेषचर1 घं. 37 मि.15:43 –17:20
- 2वृषभस्थिर1 घं. 56 मि.17:20 –19:16
- 3मिथुनद्विस्वभाव2 घं. 15 मि.19:16 –21:31
- 4कर्कचर2 घं. 18 मि.21:31 –23:49
- 5सिंहस्थिर2 घं. 16 मि.23:49 –02:05, 20 नव॰
- 6कन्याद्विस्वभाव2 घं. 14 मि.02:05, 20 नव॰ –04:19, 20 नव॰
- 7तुलाचर2 घं. 18 मि.04:19, 20 नव॰ –06:37, 20 नव॰
- 8वृश्चिकस्थिर2 घं. 18 मि.06:37, 20 नव॰ –08:55, 20 नव॰
जयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
लग्न सारणी
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
इस दिन के लिए और
लग्न सारणी — प्रश्न और उत्तर
लग्न सारणी क्या है?
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
जयपुर में 19 नवंबर 2026 की लग्न सारणी क्या है?
सूर्योदय 06:49 से उदय लग्न: हर उदित राशि उसके आरम्भ और समाप्ति समय सहित।