लग्न सारणी · जयपुर
बुधवार, 18 नवंबर 202606:4917:35
पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि लगभग हर दो घंटे में बदलती है; स्थायी कार्य के लिए स्थिर राशियाँ (वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुंभ) श्रेष्ठ मानी जाती हैं।
- 8वृश्चिकस्थिर2 घं. 18 मि.06:45 –09:03
- 9धनुद्विस्वभाव2 घं. 4 मि.09:03 –11:07
- 10मकरचर1 घं. 44 मि.11:07 –12:51
- 11कुम्भस्थिर1 घं. 29 मि.12:51 –14:20
- 12मीनद्विस्वभाव1 घं. 27 मि.14:20 –15:47
- 1मेषचर1 घं. 37 मि.15:47 –17:24
- 2वृषभस्थिर1 घं. 56 मि.17:24 –19:20
- 3मिथुनद्विस्वभाव2 घं. 14 मि.19:20 –21:34
- 4कर्कचर2 घं. 19 मि.21:34 –23:53
- 5सिंहस्थिर2 घं. 16 मि.23:53 –02:09, 19 नव॰
- 6कन्याद्विस्वभाव2 घं. 14 मि.02:09, 19 नव॰ –04:23, 19 नव॰
- 7तुलाचर2 घं. 18 मि.04:23, 19 नव॰ –06:41, 19 नव॰
- 8वृश्चिकस्थिर2 घं. 18 मि.06:41, 19 नव॰ –08:59, 19 नव॰
जयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
लग्न सारणी
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
इस दिन के लिए और
लग्न सारणी — प्रश्न और उत्तर
लग्न सारणी क्या है?
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
जयपुर में 18 नवंबर 2026 की लग्न सारणी क्या है?
सूर्योदय 06:49 से उदय लग्न: हर उदित राशि उसके आरम्भ और समाप्ति समय सहित।