लग्न सारणी · जयपुर
मंगलवार, 8 सितंबर 202606:0918:40
पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि लगभग हर दो घंटे में बदलती है; स्थायी कार्य के लिए स्थिर राशियाँ (वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुंभ) श्रेष्ठ मानी जाती हैं।
- 5सिंहस्थिर2 घं. 16 मि.04:36 –06:52
- 6कन्याद्विस्वभाव2 घं. 14 मि.06:52 –09:06
- 7तुलाचर2 घं. 18 मि.09:06 –11:24
- 8वृश्चिकस्थिर2 घं. 18 मि.11:24 –13:42
- 9धनुद्विस्वभाव2 घं. 4 मि.13:42 –15:46
- 10मकरचर1 घं. 44 मि.15:46 –17:30
- 11कुम्भस्थिर1 घं. 29 मि.17:30 –18:59
- 12मीनद्विस्वभाव1 घं. 27 मि.18:59 –20:26
- 1मेषचर1 घं. 37 मि.20:26 –22:03
- 2वृषभस्थिर1 घं. 56 मि.22:03 –23:59
- 3मिथुनद्विस्वभाव2 घं. 15 मि.23:59 –02:14, 9 सित॰
- 4कर्कचर2 घं. 19 मि.02:14, 9 सित॰ –04:33, 9 सित॰
- 5सिंहस्थिर2 घं. 15 मि.04:33, 9 सित॰ –06:48, 9 सित॰
जयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
लग्न सारणी
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
इस दिन के लिए और
लग्न सारणी — प्रश्न और उत्तर
लग्न सारणी क्या है?
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
जयपुर में 8 सितंबर 2026 की लग्न सारणी क्या है?
सूर्योदय 06:09 से उदय लग्न: हर उदित राशि उसके आरम्भ और समाप्ति समय सहित।