लग्न सारणी · जयपुर
सोमवार, 17 अगस्त 202605:5919:02
पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि लगभग हर दो घंटे में बदलती है; स्थायी कार्य के लिए स्थिर राशियाँ (वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुंभ) श्रेष्ठ मानी जाती हैं।
- 4कर्कचर2 घं. 19 मि.03:44 –06:03
- 5सिंहस्थिर2 घं. 15 मि.06:03 –08:18
- 6कन्याद्विस्वभाव2 घं. 15 मि.08:18 –10:33
- 7तुलाचर2 घं. 18 मि.10:33 –12:51
- 8वृश्चिकस्थिर2 घं. 18 मि.12:51 –15:09
- 9धनुद्विस्वभाव2 घं. 4 मि.15:09 –17:13
- 10मकरचर1 घं. 44 मि.17:13 –18:57
- 11कुम्भस्थिर1 घं. 29 मि.18:57 –20:26
- 12मीनद्विस्वभाव1 घं. 27 मि.20:26 –21:53
- 1मेषचर1 घं. 36 मि.21:53 –23:29
- 2वृषभस्थिर1 घं. 57 मि.23:29 –01:26, 18 अग॰
- 3मिथुनद्विस्वभाव2 घं. 14 मि.01:26, 18 अग॰ –03:40, 18 अग॰
- 4कर्कचर2 घं. 19 मि.03:40, 18 अग॰ –05:59, 18 अग॰
- 5सिंहस्थिर2 घं. 16 मि.05:59, 18 अग॰ –08:15, 18 अग॰
जयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
लग्न सारणी
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
इस दिन के लिए और
लग्न सारणी — प्रश्न और उत्तर
लग्न सारणी क्या है?
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
जयपुर में 17 अगस्त 2026 की लग्न सारणी क्या है?
सूर्योदय 05:59 से उदय लग्न: हर उदित राशि उसके आरम्भ और समाप्ति समय सहित।