लग्न सारणी · जयपुर
शुक्रवार, 31 जुलाई 202605:5119:16
पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि लगभग हर दो घंटे में बदलती है; स्थायी कार्य के लिए स्थिर राशियाँ (वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुंभ) श्रेष्ठ मानी जाती हैं।
- 4कर्कचर2 घं. 19 मि.04:51 –07:10
- 5सिंहस्थिर2 घं. 15 मि.07:10 –09:25
- 6कन्याद्विस्वभाव2 घं. 15 मि.09:25 –11:40
- 7तुलाचर2 घं. 18 मि.11:40 –13:58
- 8वृश्चिकस्थिर2 घं. 17 मि.13:58 –16:15
- 9धनुद्विस्वभाव2 घं. 5 मि.16:15 –18:20
- 10मकरचर1 घं. 43 मि.18:20 –20:03
- 11कुम्भस्थिर1 घं. 30 मि.20:03 –21:33
- 12मीनद्विस्वभाव1 घं. 26 मि.21:33 –22:59
- 1मेषचर1 घं. 37 मि.22:59 –00:36, 1 अग॰
- 2वृषभस्थिर1 घं. 57 मि.00:36, 1 अग॰ –02:33, 1 अग॰
- 3मिथुनद्विस्वभाव2 घं. 14 मि.02:33, 1 अग॰ –04:47, 1 अग॰
- 4कर्कचर2 घं. 19 मि.04:47, 1 अग॰ –07:06, 1 अग॰
जयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
लग्न सारणी
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
इस दिन के लिए और
लग्न सारणी — प्रश्न और उत्तर
लग्न सारणी क्या है?
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
जयपुर में 31 जुलाई 2026 की लग्न सारणी क्या है?
सूर्योदय 05:51 से उदय लग्न: हर उदित राशि उसके आरम्भ और समाप्ति समय सहित।