लग्न सारणी · चंडीगढ़
शुक्रवार, 30 अक्टूबर 202606:3617:37
पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि लगभग हर दो घंटे में बदलती है; स्थायी कार्य के लिए स्थिर राशियाँ (वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुंभ) श्रेष्ठ मानी जाती हैं।
- 7तुलाचर2 घं. 22 मि.05:41 –08:03
- 8वृश्चिकस्थिर2 घं. 20 मि.08:03 –10:23
- 9धनुद्विस्वभाव2 घं. 3 मि.10:23 –12:26
- 10मकरचर1 घं. 41 मि.12:26 –14:07
- 11कुम्भस्थिर1 घं. 25 मि.14:07 –15:32
- 12मीनद्विस्वभाव1 घं. 22 मि.15:32 –16:54
- 1मेषचर1 घं. 34 मि.16:54 –18:28
- 2वृषभस्थिर1 घं. 54 मि.18:28 –20:22
- 3मिथुनद्विस्वभाव2 घं. 15 मि.20:22 –22:37
- 4कर्कचर2 घं. 22 मि.22:37 –00:59, 31 अक्टू॰
- 5सिंहस्थिर2 घं. 20 मि.00:59, 31 अक्टू॰ –03:19, 31 अक्टू॰
- 6कन्याद्विस्वभाव2 घं. 18 मि.03:19, 31 अक्टू॰ –05:37, 31 अक्टू॰
- 7तुलाचर2 घं. 22 मि.05:37, 31 अक्टू॰ –07:59, 31 अक्टू॰
चंडीगढ़ के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
लग्न सारणी
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
इस दिन के लिए और
लग्न सारणी — प्रश्न और उत्तर
लग्न सारणी क्या है?
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
चंडीगढ़ में 30 अक्टूबर 2026 की लग्न सारणी क्या है?
सूर्योदय 06:36 से उदय लग्न: हर उदित राशि उसके आरम्भ और समाप्ति समय सहित।