लग्न सारणी · चंडीगढ़
बुधवार, 30 अक्टूबर 202406:3617:36
पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि लगभग हर दो घंटे में बदलती है; स्थायी कार्य के लिए स्थिर राशियाँ (वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुंभ) श्रेष्ठ मानी जाती हैं।
- 7तुलाचर2 घं. 22 मि.05:39 –08:01
- 8वृश्चिकस्थिर2 घं. 20 मि.08:01 –10:21
- 9धनुद्विस्वभाव2 घं. 3 मि.10:21 –12:24
- 10मकरचर1 घं. 41 मि.12:24 –14:05
- 11कुम्भस्थिर1 घं. 25 मि.14:05 –15:30
- 12मीनद्विस्वभाव1 घं. 22 मि.15:30 –16:52
- 1मेषचर1 घं. 34 मि.16:52 –18:26
- 2वृषभस्थिर1 घं. 54 मि.18:26 –20:20
- 3मिथुनद्विस्वभाव2 घं. 15 मि.20:20 –22:35
- 4कर्कचर2 घं. 22 मि.22:35 –00:57, 31 अक्टू॰
- 5सिंहस्थिर2 घं. 20 मि.00:57, 31 अक्टू॰ –03:17, 31 अक्टू॰
- 6कन्याद्विस्वभाव2 घं. 18 मि.03:17, 31 अक्टू॰ –05:35, 31 अक्टू॰
- 7तुलाचर2 घं. 22 मि.05:35, 31 अक्टू॰ –07:57, 31 अक्टू॰
चंडीगढ़ के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
लग्न सारणी
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
इस दिन के लिए और
लग्न सारणी — प्रश्न और उत्तर
लग्न सारणी क्या है?
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
चंडीगढ़ में 30 अक्टूबर 2024 की लग्न सारणी क्या है?
सूर्योदय 06:36 से उदय लग्न: हर उदित राशि उसके आरम्भ और समाप्ति समय सहित।