लग्न सारणी · अयोध्या

बुधवार, 2 जनवरी 203006:5017:20

पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि लगभग हर दो घंटे में बदलती है; स्थायी कार्य के लिए स्थिर राशियाँ (वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुंभ) श्रेष्ठ मानी जाती हैं।
  • 9धनुद्विस्वभाव2 घं. 5 मि.05:39 –07:44
  • 10मकरचर1 घं. 43 मि.07:44 –09:27
  • 11कुम्भस्थिर1 घं. 30 मि.09:27 –10:57
  • 12मीनद्विस्वभाव1 घं. 27 मि.10:57 –12:24
  • 1मेषचर1 घं. 37 मि.12:24 –14:01
  • 2वृषभस्थिर1 घं. 56 मि.14:01 –15:57
  • 3मिथुनद्विस्वभाव2 घं. 14 मि.15:57 –18:11
  • 4कर्कचर2 घं. 19 मि.18:11 –20:30
  • 5सिंहस्थिर2 घं. 16 मि.20:30 –22:46
  • 6कन्याद्विस्वभाव2 घं. 14 मि.22:46 –01:00, 3 जन॰
  • 7तुलाचर2 घं. 18 मि.01:00, 3 जन॰ –03:18, 3 जन॰
  • 8वृश्चिकस्थिर2 घं. 17 मि.03:18, 3 जन॰ –05:35, 3 जन॰
  • 9धनुद्विस्वभाव2 घं. 5 मि.05:35, 3 जन॰ –07:40, 3 जन॰

अयोध्या के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

लग्न सारणी

उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।

लग्न सारणी — प्रश्न और उत्तर

लग्न सारणी क्या है?

उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।

अयोध्या में 2 जनवरी 2030 की लग्न सारणी क्या है?

सूर्योदय 06:50 से उदय लग्न: हर उदित राशि उसके आरम्भ और समाप्ति समय सहित।

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