शुभ होरा · वाराणसी

शुक्रवार, 3 नवंबर 202806:0717:16

दिनसूर्योदय से · 06:07
ग्रहसमय
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद06:07 –07:03
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद07:03 –07:59
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य07:59 –08:54
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें08:54 –09:50
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ09:50 –10:46
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें10:46 –11:42
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि11:42 –12:37
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद12:37 –13:33
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद13:33 –14:29
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य14:29 –15:24
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें15:24 –16:20
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ16:20 –17:16
रातसूर्यास्त से · 17:16
ग्रहसमय
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें17:16 –18:20
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि18:20 –19:24
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद19:24 –20:29
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद20:29 –21:33
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य21:33 –22:37
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें22:37 –23:42
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ23:42 –00:46, 4 नव॰
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें00:46, 4 नव॰ –01:51, 4 नव॰
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि01:51, 4 नव॰ –02:55, 4 नव॰
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद02:55, 4 नव॰ –03:59, 4 नव॰
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद03:59, 4 नव॰ –05:04, 4 नव॰
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य05:04, 4 नव॰ –06:08, 4 नव॰

वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

शुभ होरा

होरा दिन या रात का बारहवाँ भाग है, जिसके स्वामी क्रम से सात ग्रह होते हैं; दिन की पहली होरा वार के स्वामी की होती है। कार्य के अनुकूल ग्रह की होरा चुनें: शुभ कार्य के लिए गुरु और शुक्र, अध्ययन और व्यापार के लिए बुध, यात्रा के लिए चंद्र।

शुभ होरा — प्रश्न और उत्तर

शुभ होरा क्या है?

होरा दिन या रात का बारहवाँ भाग है, जिसके स्वामी क्रम से सात ग्रह होते हैं; दिन की पहली होरा वार के स्वामी की होती है। कार्य के अनुकूल ग्रह की होरा चुनें: शुभ कार्य के लिए गुरु और शुक्र, अध्ययन और व्यापार के लिए बुध, यात्रा के लिए चंद्र।

वाराणसी में 3 नवंबर 2028 की शुभ होरा क्या है?

सूर्योदय 06:07 पर पहली होरा शुक्र की; दिन और रात की 24 होराएँ और हर होरा किस कार्य के लिए शुभ है।

शुभ होरा — अन्य शहर