शुभ होरा · वाराणसी

गुरुवार, 12 अक्टूबर 202805:5517:34

दिनसूर्योदय से · 05:55
ग्रहसमय
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ05:55 –06:53
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें06:53 –07:52
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि07:52 –08:50
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद08:50 –09:48
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद09:48 –10:46
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य10:46 –11:44
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें11:44 –12:43
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ12:43 –13:41
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें13:41 –14:39
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि14:39 –15:37
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद15:37 –16:35
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद16:35 –17:34
रातसूर्यास्त से · 17:34
ग्रहसमय
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य17:34 –18:35
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें18:35 –19:37
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ19:37 –20:39
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें20:39 –21:41
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि21:41 –22:43
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद22:43 –23:45
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद23:45 –00:46, 13 अक्टू॰
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य00:46, 13 अक्टू॰ –01:48, 13 अक्टू॰
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें01:48, 13 अक्टू॰ –02:50, 13 अक्टू॰
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ02:50, 13 अक्टू॰ –03:52, 13 अक्टू॰
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें03:52, 13 अक्टू॰ –04:54, 13 अक्टू॰
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि04:54, 13 अक्टू॰ –05:56, 13 अक्टू॰

वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

शुभ होरा

होरा दिन या रात का बारहवाँ भाग है, जिसके स्वामी क्रम से सात ग्रह होते हैं; दिन की पहली होरा वार के स्वामी की होती है। कार्य के अनुकूल ग्रह की होरा चुनें: शुभ कार्य के लिए गुरु और शुक्र, अध्ययन और व्यापार के लिए बुध, यात्रा के लिए चंद्र।

शुभ होरा — प्रश्न और उत्तर

शुभ होरा क्या है?

होरा दिन या रात का बारहवाँ भाग है, जिसके स्वामी क्रम से सात ग्रह होते हैं; दिन की पहली होरा वार के स्वामी की होती है। कार्य के अनुकूल ग्रह की होरा चुनें: शुभ कार्य के लिए गुरु और शुक्र, अध्ययन और व्यापार के लिए बुध, यात्रा के लिए चंद्र।

वाराणसी में 12 अक्टूबर 2028 की शुभ होरा क्या है?

सूर्योदय 05:55 पर पहली होरा गुरु की; दिन और रात की 24 होराएँ और हर होरा किस कार्य के लिए शुभ है।

शुभ होरा — अन्य शहर