शुभ होरा · वाराणसी

मंगलवार, 3 अक्टूबर 202805:5117:43

दिनसूर्योदय से · 05:51
ग्रहसमय
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें05:51 –06:50
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि06:50 –07:50
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद07:50 –08:49
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद08:49 –09:48
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य09:48 –10:48
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें10:48 –11:47
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ11:47 –12:46
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें12:46 –13:45
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि13:45 –14:45
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद14:45 –15:44
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद15:44 –16:43
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य16:43 –17:43
रातसूर्यास्त से · 17:43
ग्रहसमय
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें17:43 –18:43
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ18:43 –19:44
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें19:44 –20:45
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि20:45 –21:46
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद21:46 –22:46
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद22:46 –23:47
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य23:47 –00:48, 4 अक्टू॰
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें00:48, 4 अक्टू॰ –01:49, 4 अक्टू॰
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ01:49, 4 अक्टू॰ –02:49, 4 अक्टू॰
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें02:49, 4 अक्टू॰ –03:50, 4 अक्टू॰
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि03:50, 4 अक्टू॰ –04:51, 4 अक्टू॰
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद04:51, 4 अक्टू॰ –05:52, 4 अक्टू॰

वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

शुभ होरा

होरा दिन या रात का बारहवाँ भाग है, जिसके स्वामी क्रम से सात ग्रह होते हैं; दिन की पहली होरा वार के स्वामी की होती है। कार्य के अनुकूल ग्रह की होरा चुनें: शुभ कार्य के लिए गुरु और शुक्र, अध्ययन और व्यापार के लिए बुध, यात्रा के लिए चंद्र।

शुभ होरा — प्रश्न और उत्तर

शुभ होरा क्या है?

होरा दिन या रात का बारहवाँ भाग है, जिसके स्वामी क्रम से सात ग्रह होते हैं; दिन की पहली होरा वार के स्वामी की होती है। कार्य के अनुकूल ग्रह की होरा चुनें: शुभ कार्य के लिए गुरु और शुक्र, अध्ययन और व्यापार के लिए बुध, यात्रा के लिए चंद्र।

वाराणसी में 3 अक्टूबर 2028 की शुभ होरा क्या है?

सूर्योदय 05:51 पर पहली होरा मंगल की; दिन और रात की 24 होराएँ और हर होरा किस कार्य के लिए शुभ है।

शुभ होरा — अन्य शहर