शुभ होरा · वाराणसी

मंगलवार, 13 अक्टूबर 202605:5517:33

दिनसूर्योदय से · 05:55
ग्रहसमय
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें05:55 –06:54
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि06:54 –07:52
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद07:52 –08:50
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद08:50 –09:48
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य09:48 –10:46
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें10:46 –11:44
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ11:44 –12:42
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें12:42 –13:41
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि13:41 –14:39
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद14:39 –15:37
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद15:37 –16:35
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य16:35 –17:33
रातसूर्यास्त से · 17:33
ग्रहसमय
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें17:33 –18:35
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ18:35 –19:37
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें19:37 –20:39
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि20:39 –21:41
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद21:41 –22:43
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद22:43 –23:44
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य23:44 –00:46, 14 अक्टू॰
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें00:46, 14 अक्टू॰ –01:48, 14 अक्टू॰
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ01:48, 14 अक्टू॰ –02:50, 14 अक्टू॰
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें02:50, 14 अक्टू॰ –03:52, 14 अक्टू॰
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि03:52, 14 अक्टू॰ –04:54, 14 अक्टू॰
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद04:54, 14 अक्टू॰ –05:56, 14 अक्टू॰

वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

शुभ होरा

होरा दिन या रात का बारहवाँ भाग है, जिसके स्वामी क्रम से सात ग्रह होते हैं; दिन की पहली होरा वार के स्वामी की होती है। कार्य के अनुकूल ग्रह की होरा चुनें: शुभ कार्य के लिए गुरु और शुक्र, अध्ययन और व्यापार के लिए बुध, यात्रा के लिए चंद्र।

शुभ होरा — प्रश्न और उत्तर

शुभ होरा क्या है?

होरा दिन या रात का बारहवाँ भाग है, जिसके स्वामी क्रम से सात ग्रह होते हैं; दिन की पहली होरा वार के स्वामी की होती है। कार्य के अनुकूल ग्रह की होरा चुनें: शुभ कार्य के लिए गुरु और शुक्र, अध्ययन और व्यापार के लिए बुध, यात्रा के लिए चंद्र।

वाराणसी में 13 अक्टूबर 2026 की शुभ होरा क्या है?

सूर्योदय 05:55 पर पहली होरा मंगल की; दिन और रात की 24 होराएँ और हर होरा किस कार्य के लिए शुभ है।

शुभ होरा — अन्य शहर