शुभ होरा · वाराणसी

रविवार, 11 अक्टूबर 202605:5417:35

दिनसूर्योदय से · 05:54
ग्रहसमय
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि05:54 –06:53
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद06:53 –07:51
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद07:51 –08:50
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य08:50 –09:48
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें09:48 –10:46
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ10:46 –11:45
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें11:45 –12:43
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि12:43 –13:41
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद13:41 –14:40
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद14:40 –15:38
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य15:38 –16:37
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें16:37 –17:35
रातसूर्यास्त से · 17:35
ग्रहसमय
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ17:35 –18:37
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें18:37 –19:38
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि19:38 –20:40
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद20:40 –21:42
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद21:42 –22:43
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य22:43 –23:45
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें23:45 –00:47, 12 अक्टू॰
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ00:47, 12 अक्टू॰ –01:48, 12 अक्टू॰
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें01:48, 12 अक्टू॰ –02:50, 12 अक्टू॰
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि02:50, 12 अक्टू॰ –03:52, 12 अक्टू॰
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद03:52, 12 अक्टू॰ –04:53, 12 अक्टू॰
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद04:53, 12 अक्टू॰ –05:55, 12 अक्टू॰

वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

शुभ होरा

होरा दिन या रात का बारहवाँ भाग है, जिसके स्वामी क्रम से सात ग्रह होते हैं; दिन की पहली होरा वार के स्वामी की होती है। कार्य के अनुकूल ग्रह की होरा चुनें: शुभ कार्य के लिए गुरु और शुक्र, अध्ययन और व्यापार के लिए बुध, यात्रा के लिए चंद्र।

शुभ होरा — प्रश्न और उत्तर

शुभ होरा क्या है?

होरा दिन या रात का बारहवाँ भाग है, जिसके स्वामी क्रम से सात ग्रह होते हैं; दिन की पहली होरा वार के स्वामी की होती है। कार्य के अनुकूल ग्रह की होरा चुनें: शुभ कार्य के लिए गुरु और शुक्र, अध्ययन और व्यापार के लिए बुध, यात्रा के लिए चंद्र।

वाराणसी में 11 अक्टूबर 2026 की शुभ होरा क्या है?

सूर्योदय 05:54 पर पहली होरा सूर्य की; दिन और रात की 24 होराएँ और हर होरा किस कार्य के लिए शुभ है।

शुभ होरा — अन्य शहर