शुभ होरा · वाराणसी

शुक्रवार, 25 सितंबर 202605:4817:52

दिनसूर्योदय से · 05:48
ग्रहसमय
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद05:48 –06:48
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद06:48 –07:48
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य07:48 –08:49
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें08:49 –09:49
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ09:49 –10:49
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें10:49 –11:50
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि11:50 –12:50
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद12:50 –13:50
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद13:50 –14:51
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य14:51 –15:51
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें15:51 –16:51
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ16:51 –17:52
रातसूर्यास्त से · 17:52
ग्रहसमय
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें17:52 –18:51
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि18:51 –19:51
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद19:51 –20:51
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद20:51 –21:50
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य21:50 –22:50
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें22:50 –23:50
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ23:50 –00:50, 26 सित॰
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें00:50, 26 सित॰ –01:49, 26 सित॰
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि01:49, 26 सित॰ –02:49, 26 सित॰
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद02:49, 26 सित॰ –03:49, 26 सित॰
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद03:49, 26 सित॰ –04:48, 26 सित॰
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य04:48, 26 सित॰ –05:48, 26 सित॰

वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

शुभ होरा

होरा दिन या रात का बारहवाँ भाग है, जिसके स्वामी क्रम से सात ग्रह होते हैं; दिन की पहली होरा वार के स्वामी की होती है। कार्य के अनुकूल ग्रह की होरा चुनें: शुभ कार्य के लिए गुरु और शुक्र, अध्ययन और व्यापार के लिए बुध, यात्रा के लिए चंद्र।

शुभ होरा — प्रश्न और उत्तर

शुभ होरा क्या है?

होरा दिन या रात का बारहवाँ भाग है, जिसके स्वामी क्रम से सात ग्रह होते हैं; दिन की पहली होरा वार के स्वामी की होती है। कार्य के अनुकूल ग्रह की होरा चुनें: शुभ कार्य के लिए गुरु और शुक्र, अध्ययन और व्यापार के लिए बुध, यात्रा के लिए चंद्र।

वाराणसी में 25 सितंबर 2026 की शुभ होरा क्या है?

सूर्योदय 05:48 पर पहली होरा शुक्र की; दिन और रात की 24 होराएँ और हर होरा किस कार्य के लिए शुभ है।

शुभ होरा — अन्य शहर