शुभ होरा · वाराणसी

शुक्रवार, 18 सितंबर 202605:4517:59

दिनसूर्योदय से · 05:45
ग्रहसमय
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद05:45 –06:46
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद06:46 –07:47
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य07:47 –08:49
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें08:49 –09:50
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ09:50 –10:51
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें10:51 –11:52
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि11:52 –12:53
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद12:53 –13:55
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद13:55 –14:56
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य14:56 –15:57
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें15:57 –16:58
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ16:58 –17:59
रातसूर्यास्त से · 17:59
ग्रहसमय
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें17:59 –18:58
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि18:58 –19:57
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद19:57 –20:56
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद20:56 –21:55
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य21:55 –22:53
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें22:53 –23:52
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ23:52 –00:51, 19 सित॰
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें00:51, 19 सित॰ –01:50, 19 सित॰
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि01:50, 19 सित॰ –02:49, 19 सित॰
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद02:49, 19 सित॰ –03:48, 19 सित॰
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद03:48, 19 सित॰ –04:47, 19 सित॰
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य04:47, 19 सित॰ –05:45, 19 सित॰

वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

शुभ होरा

होरा दिन या रात का बारहवाँ भाग है, जिसके स्वामी क्रम से सात ग्रह होते हैं; दिन की पहली होरा वार के स्वामी की होती है। कार्य के अनुकूल ग्रह की होरा चुनें: शुभ कार्य के लिए गुरु और शुक्र, अध्ययन और व्यापार के लिए बुध, यात्रा के लिए चंद्र।

शुभ होरा — प्रश्न और उत्तर

शुभ होरा क्या है?

होरा दिन या रात का बारहवाँ भाग है, जिसके स्वामी क्रम से सात ग्रह होते हैं; दिन की पहली होरा वार के स्वामी की होती है। कार्य के अनुकूल ग्रह की होरा चुनें: शुभ कार्य के लिए गुरु और शुक्र, अध्ययन और व्यापार के लिए बुध, यात्रा के लिए चंद्र।

वाराणसी में 18 सितंबर 2026 की शुभ होरा क्या है?

सूर्योदय 05:45 पर पहली होरा शुक्र की; दिन और रात की 24 होराएँ और हर होरा किस कार्य के लिए शुभ है।

शुभ होरा — अन्य शहर