शुभ होरा · वाराणसी

रविवार, 13 सितंबर 202605:4318:05

दिनसूर्योदय से · 05:43
ग्रहसमय
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि05:43 –06:45
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद06:45 –07:47
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद07:47 –08:49
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य08:49 –09:50
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें09:50 –10:52
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ10:52 –11:54
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें11:54 –12:56
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि12:56 –13:58
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद13:58 –14:59
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद14:59 –16:01
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य16:01 –17:03
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें17:03 –18:05
रातसूर्यास्त से · 18:05
ग्रहसमय
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ18:05 –19:03
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें19:03 –20:01
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि20:01 –20:59
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद20:59 –21:58
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद21:58 –22:56
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य22:56 –23:54
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें23:54 –00:52, 14 सित॰
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ00:52, 14 सित॰ –01:51, 14 सित॰
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें01:51, 14 सित॰ –02:49, 14 सित॰
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि02:49, 14 सित॰ –03:47, 14 सित॰
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद03:47, 14 सित॰ –04:45, 14 सित॰
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद04:45, 14 सित॰ –05:44, 14 सित॰

वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

शुभ होरा

होरा दिन या रात का बारहवाँ भाग है, जिसके स्वामी क्रम से सात ग्रह होते हैं; दिन की पहली होरा वार के स्वामी की होती है। कार्य के अनुकूल ग्रह की होरा चुनें: शुभ कार्य के लिए गुरु और शुक्र, अध्ययन और व्यापार के लिए बुध, यात्रा के लिए चंद्र।

शुभ होरा — प्रश्न और उत्तर

शुभ होरा क्या है?

होरा दिन या रात का बारहवाँ भाग है, जिसके स्वामी क्रम से सात ग्रह होते हैं; दिन की पहली होरा वार के स्वामी की होती है। कार्य के अनुकूल ग्रह की होरा चुनें: शुभ कार्य के लिए गुरु और शुक्र, अध्ययन और व्यापार के लिए बुध, यात्रा के लिए चंद्र।

वाराणसी में 13 सितंबर 2026 की शुभ होरा क्या है?

सूर्योदय 05:43 पर पहली होरा सूर्य की; दिन और रात की 24 होराएँ और हर होरा किस कार्य के लिए शुभ है।

शुभ होरा — अन्य शहर