शुभ होरा · वाराणसी

गुरुवार, 3 सितंबर 202605:3918:15

दिनसूर्योदय से · 05:39
ग्रहसमय
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ05:39 –06:42
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें06:42 –07:45
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि07:45 –08:48
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद08:48 –09:51
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद09:51 –10:54
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य10:54 –11:57
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें11:57 –13:00
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ13:00 –14:03
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें14:03 –15:06
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि15:06 –16:09
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद16:09 –17:12
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद17:12 –18:15
रातसूर्यास्त से · 18:15
ग्रहसमय
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य18:15 –19:12
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें19:12 –20:09
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ20:09 –21:06
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें21:06 –22:03
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि22:03 –23:01
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद23:01 –23:58
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद23:58 –00:55, 4 सित॰
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य00:55, 4 सित॰ –01:52, 4 सित॰
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें01:52, 4 सित॰ –02:49, 4 सित॰
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ02:49, 4 सित॰ –03:46, 4 सित॰
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें03:46, 4 सित॰ –04:43, 4 सित॰
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि04:43, 4 सित॰ –05:40, 4 सित॰

वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

शुभ होरा

होरा दिन या रात का बारहवाँ भाग है, जिसके स्वामी क्रम से सात ग्रह होते हैं; दिन की पहली होरा वार के स्वामी की होती है। कार्य के अनुकूल ग्रह की होरा चुनें: शुभ कार्य के लिए गुरु और शुक्र, अध्ययन और व्यापार के लिए बुध, यात्रा के लिए चंद्र।

शुभ होरा — प्रश्न और उत्तर

शुभ होरा क्या है?

होरा दिन या रात का बारहवाँ भाग है, जिसके स्वामी क्रम से सात ग्रह होते हैं; दिन की पहली होरा वार के स्वामी की होती है। कार्य के अनुकूल ग्रह की होरा चुनें: शुभ कार्य के लिए गुरु और शुक्र, अध्ययन और व्यापार के लिए बुध, यात्रा के लिए चंद्र।

वाराणसी में 3 सितंबर 2026 की शुभ होरा क्या है?

सूर्योदय 05:39 पर पहली होरा गुरु की; दिन और रात की 24 होराएँ और हर होरा किस कार्य के लिए शुभ है।

शुभ होरा — अन्य शहर