शुभ होरा · वाराणसी

सोमवार, 31 अगस्त 202605:3818:18

दिनसूर्योदय से · 05:38
ग्रहसमय
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य05:38 –06:42
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें06:42 –07:45
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ07:45 –08:48
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें08:48 –09:52
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि09:52 –10:55
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद10:55 –11:58
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद11:58 –13:02
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य13:02 –14:05
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें14:05 –15:08
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ15:08 –16:12
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें16:12 –17:15
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि17:15 –18:18
रातसूर्यास्त से · 18:18
ग्रहसमय
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद18:18 –19:15
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद19:15 –20:12
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य20:12 –21:08
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें21:08 –22:05
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ22:05 –23:02
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें23:02 –23:59
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि23:59 –00:55, 1 सित॰
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद00:55, 1 सित॰ –01:52, 1 सित॰
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद01:52, 1 सित॰ –02:49, 1 सित॰
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य02:49, 1 सित॰ –03:45, 1 सित॰
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें03:45, 1 सित॰ –04:42, 1 सित॰
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ04:42, 1 सित॰ –05:39, 1 सित॰

वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

शुभ होरा

होरा दिन या रात का बारहवाँ भाग है, जिसके स्वामी क्रम से सात ग्रह होते हैं; दिन की पहली होरा वार के स्वामी की होती है। कार्य के अनुकूल ग्रह की होरा चुनें: शुभ कार्य के लिए गुरु और शुक्र, अध्ययन और व्यापार के लिए बुध, यात्रा के लिए चंद्र।

शुभ होरा — प्रश्न और उत्तर

शुभ होरा क्या है?

होरा दिन या रात का बारहवाँ भाग है, जिसके स्वामी क्रम से सात ग्रह होते हैं; दिन की पहली होरा वार के स्वामी की होती है। कार्य के अनुकूल ग्रह की होरा चुनें: शुभ कार्य के लिए गुरु और शुक्र, अध्ययन और व्यापार के लिए बुध, यात्रा के लिए चंद्र।

वाराणसी में 31 अगस्त 2026 की शुभ होरा क्या है?

सूर्योदय 05:38 पर पहली होरा चंद्र की; दिन और रात की 24 होराएँ और हर होरा किस कार्य के लिए शुभ है।

शुभ होरा — अन्य शहर