शुभ होरा · वाराणसी

गुरुवार, 2 अक्टूबर 202505:5117:44

दिनसूर्योदय से · 05:51
ग्रहसमय
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ05:51 –06:50
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें06:50 –07:50
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि07:50 –08:49
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद08:49 –09:48
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद09:48 –10:48
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य10:48 –11:47
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें11:47 –12:47
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ12:47 –13:46
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें13:46 –14:46
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि14:46 –15:45
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद15:45 –16:44
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद16:44 –17:44
रातसूर्यास्त से · 17:44
ग्रहसमय
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य17:44 –18:45
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें18:45 –19:45
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ19:45 –20:46
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें20:46 –21:46
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि21:46 –22:47
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद22:47 –23:47
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद23:47 –00:48, 3 अक्टू॰
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य00:48, 3 अक्टू॰ –01:49, 3 अक्टू॰
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें01:49, 3 अक्टू॰ –02:49, 3 अक्टू॰
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ02:49, 3 अक्टू॰ –03:50, 3 अक्टू॰
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें03:50, 3 अक्टू॰ –04:50, 3 अक्टू॰
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि04:50, 3 अक्टू॰ –05:51, 3 अक्टू॰

वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

शुभ होरा

होरा दिन या रात का बारहवाँ भाग है, जिसके स्वामी क्रम से सात ग्रह होते हैं; दिन की पहली होरा वार के स्वामी की होती है। कार्य के अनुकूल ग्रह की होरा चुनें: शुभ कार्य के लिए गुरु और शुक्र, अध्ययन और व्यापार के लिए बुध, यात्रा के लिए चंद्र।

शुभ होरा — प्रश्न और उत्तर

शुभ होरा क्या है?

होरा दिन या रात का बारहवाँ भाग है, जिसके स्वामी क्रम से सात ग्रह होते हैं; दिन की पहली होरा वार के स्वामी की होती है। कार्य के अनुकूल ग्रह की होरा चुनें: शुभ कार्य के लिए गुरु और शुक्र, अध्ययन और व्यापार के लिए बुध, यात्रा के लिए चंद्र।

वाराणसी में 2 अक्टूबर 2025 की शुभ होरा क्या है?

सूर्योदय 05:51 पर पहली होरा गुरु की; दिन और रात की 24 होराएँ और हर होरा किस कार्य के लिए शुभ है।

शुभ होरा — अन्य शहर