शुभ होरा · वाराणसी

शनिवार, 2 नवंबर 202406:0717:16

दिनसूर्योदय से · 06:07
ग्रहसमय
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें06:07 –07:02
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ07:02 –07:58
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें07:58 –08:54
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि08:54 –09:50
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद09:50 –10:46
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद10:46 –11:42
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य11:42 –12:37
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें12:37 –13:33
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ13:33 –14:29
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें14:29 –15:25
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि15:25 –16:21
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद16:21 –17:16
रातसूर्यास्त से · 17:16
ग्रहसमय
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद17:16 –18:21
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य18:21 –19:25
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें19:25 –20:29
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ20:29 –21:33
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें21:33 –22:38
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि22:38 –23:42
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद23:42 –00:46, 3 नव॰
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद00:46, 3 नव॰ –01:50, 3 नव॰
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य01:50, 3 नव॰ –02:55, 3 नव॰
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें02:55, 3 नव॰ –03:59, 3 नव॰
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ03:59, 3 नव॰ –05:03, 3 नव॰
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें05:03, 3 नव॰ –06:07, 3 नव॰

वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

शुभ होरा

होरा दिन या रात का बारहवाँ भाग है, जिसके स्वामी क्रम से सात ग्रह होते हैं; दिन की पहली होरा वार के स्वामी की होती है। कार्य के अनुकूल ग्रह की होरा चुनें: शुभ कार्य के लिए गुरु और शुक्र, अध्ययन और व्यापार के लिए बुध, यात्रा के लिए चंद्र।

शुभ होरा — प्रश्न और उत्तर

शुभ होरा क्या है?

होरा दिन या रात का बारहवाँ भाग है, जिसके स्वामी क्रम से सात ग्रह होते हैं; दिन की पहली होरा वार के स्वामी की होती है। कार्य के अनुकूल ग्रह की होरा चुनें: शुभ कार्य के लिए गुरु और शुक्र, अध्ययन और व्यापार के लिए बुध, यात्रा के लिए चंद्र।

वाराणसी में 2 नवंबर 2024 की शुभ होरा क्या है?

सूर्योदय 06:07 पर पहली होरा शनि की; दिन और रात की 24 होराएँ और हर होरा किस कार्य के लिए शुभ है।

शुभ होरा — अन्य शहर