शुभ होरा · अयोध्या

बुधवार, 4 नवंबर 202606:1317:17

दिनसूर्योदय से · 06:13
ग्रहसमय
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद06:13 –07:08
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य07:08 –08:03
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें08:03 –08:59
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ08:59 –09:54
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें09:54 –10:49
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि10:49 –11:45
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद11:45 –12:40
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद12:40 –13:35
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य13:35 –14:31
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें14:31 –15:26
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ15:26 –16:21
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें16:21 –17:17
रातसूर्यास्त से · 17:17
ग्रहसमय
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि17:17 –18:21
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद18:21 –19:26
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद19:26 –20:31
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य20:31 –21:35
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें21:35 –22:40
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ22:40 –23:45
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें23:45 –00:50, 5 नव॰
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि00:50, 5 नव॰ –01:54, 5 नव॰
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद01:54, 5 नव॰ –02:59, 5 नव॰
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद02:59, 5 नव॰ –04:04, 5 नव॰
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य04:04, 5 नव॰ –05:09, 5 नव॰
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें05:09, 5 नव॰ –06:13, 5 नव॰

अयोध्या के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

शुभ होरा

होरा दिन या रात का बारहवाँ भाग है, जिसके स्वामी क्रम से सात ग्रह होते हैं; दिन की पहली होरा वार के स्वामी की होती है। कार्य के अनुकूल ग्रह की होरा चुनें: शुभ कार्य के लिए गुरु और शुक्र, अध्ययन और व्यापार के लिए बुध, यात्रा के लिए चंद्र।

शुभ होरा — प्रश्न और उत्तर

शुभ होरा क्या है?

होरा दिन या रात का बारहवाँ भाग है, जिसके स्वामी क्रम से सात ग्रह होते हैं; दिन की पहली होरा वार के स्वामी की होती है। कार्य के अनुकूल ग्रह की होरा चुनें: शुभ कार्य के लिए गुरु और शुक्र, अध्ययन और व्यापार के लिए बुध, यात्रा के लिए चंद्र।

अयोध्या में 4 नवंबर 2026 की शुभ होरा क्या है?

सूर्योदय 06:13 पर पहली होरा बुध की; दिन और रात की 24 होराएँ और हर होरा किस कार्य के लिए शुभ है।

शुभ होरा — अन्य शहर