शुभ होरा · अयोध्या

शुक्रवार, 4 सितंबर 202605:4218:18

दिनसूर्योदय से · 05:42
ग्रहसमय
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद05:42 –06:45
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद06:45 –07:48
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य07:48 –08:51
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें08:51 –09:54
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ09:54 –10:57
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें10:57 –12:00
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि12:00 –13:03
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद13:03 –14:06
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद14:06 –15:09
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य15:09 –16:12
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें16:12 –17:15
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ17:15 –18:18
रातसूर्यास्त से · 18:18
ग्रहसमय
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें18:18 –19:15
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि19:15 –20:12
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद20:12 –21:09
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद21:09 –22:06
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य22:06 –23:03
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें23:03 –00:00, 5 सित॰
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ00:00, 5 सित॰ –00:57, 5 सित॰
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें00:57, 5 सित॰ –01:54, 5 सित॰
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि01:54, 5 सित॰ –02:51, 5 सित॰
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद02:51, 5 सित॰ –03:48, 5 सित॰
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद03:48, 5 सित॰ –04:45, 5 सित॰
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य04:45, 5 सित॰ –05:42, 5 सित॰

अयोध्या के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

शुभ होरा

होरा दिन या रात का बारहवाँ भाग है, जिसके स्वामी क्रम से सात ग्रह होते हैं; दिन की पहली होरा वार के स्वामी की होती है। कार्य के अनुकूल ग्रह की होरा चुनें: शुभ कार्य के लिए गुरु और शुक्र, अध्ययन और व्यापार के लिए बुध, यात्रा के लिए चंद्र।

शुभ होरा — प्रश्न और उत्तर

शुभ होरा क्या है?

होरा दिन या रात का बारहवाँ भाग है, जिसके स्वामी क्रम से सात ग्रह होते हैं; दिन की पहली होरा वार के स्वामी की होती है। कार्य के अनुकूल ग्रह की होरा चुनें: शुभ कार्य के लिए गुरु और शुक्र, अध्ययन और व्यापार के लिए बुध, यात्रा के लिए चंद्र।

अयोध्या में 4 सितंबर 2026 की शुभ होरा क्या है?

सूर्योदय 05:42 पर पहली होरा शुक्र की; दिन और रात की 24 होराएँ और हर होरा किस कार्य के लिए शुभ है।

शुभ होरा — अन्य शहर