शुभ होरा · अयोध्या

गुरुवार, 3 सितंबर 202605:4118:19

दिनसूर्योदय से · 05:41
ग्रहसमय
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ05:41 –06:45
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें06:45 –07:48
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि07:48 –08:51
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद08:51 –09:54
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद09:54 –10:57
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य10:57 –12:00
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें12:00 –13:04
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ13:04 –14:07
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें14:07 –15:10
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि15:10 –16:13
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद16:13 –17:16
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद17:16 –18:19
रातसूर्यास्त से · 18:19
ग्रहसमय
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य18:19 –19:16
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें19:16 –20:13
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ20:13 –21:10
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें21:10 –22:07
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि22:07 –23:04
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद23:04 –00:01, 4 सित॰
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद00:01, 4 सित॰ –00:58, 4 सित॰
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य00:58, 4 सित॰ –01:54, 4 सित॰
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें01:54, 4 सित॰ –02:51, 4 सित॰
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ02:51, 4 सित॰ –03:48, 4 सित॰
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें03:48, 4 सित॰ –04:45, 4 सित॰
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि04:45, 4 सित॰ –05:42, 4 सित॰

अयोध्या के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

शुभ होरा

होरा दिन या रात का बारहवाँ भाग है, जिसके स्वामी क्रम से सात ग्रह होते हैं; दिन की पहली होरा वार के स्वामी की होती है। कार्य के अनुकूल ग्रह की होरा चुनें: शुभ कार्य के लिए गुरु और शुक्र, अध्ययन और व्यापार के लिए बुध, यात्रा के लिए चंद्र।

शुभ होरा — प्रश्न और उत्तर

शुभ होरा क्या है?

होरा दिन या रात का बारहवाँ भाग है, जिसके स्वामी क्रम से सात ग्रह होते हैं; दिन की पहली होरा वार के स्वामी की होती है। कार्य के अनुकूल ग्रह की होरा चुनें: शुभ कार्य के लिए गुरु और शुक्र, अध्ययन और व्यापार के लिए बुध, यात्रा के लिए चंद्र।

अयोध्या में 3 सितंबर 2026 की शुभ होरा क्या है?

सूर्योदय 05:41 पर पहली होरा गुरु की; दिन और रात की 24 होराएँ और हर होरा किस कार्य के लिए शुभ है।

शुभ होरा — अन्य शहर