गौरी पंचांगम · जयपुर

सोमवार, 4 अक्टूबर 202706:2118:10

दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 06:21
  • अमिर्दाश्रेष्ठ06:21 –07:49
  • विषम्अशुभ07:49 –09:18राहुकाल
  • रोगम्अनिष्ट09:18 –10:47
  • लाभम्लाभ10:47 –12:16
  • धनम्धन12:16 –13:44
  • सुगम्शुभ13:44 –15:13
  • सोरम्अशुभ15:13 –16:42
  • उथिशुभ16:42 –18:10
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 18:10
  • सुगम्शुभ18:10 –19:42
  • सोरम्अशुभ19:42 –21:13
  • उथिशुभ21:13 –22:44
  • अमिर्दाश्रेष्ठ22:44 –00:16, 5 अक्टू॰
  • विषम्अशुभ00:16, 5 अक्टू॰ –01:47, 5 अक्टू॰
  • रोगम्अनिष्ट01:47, 5 अक्टू॰ –03:18, 5 अक्टू॰
  • लाभम्लाभ03:18, 5 अक्टू॰ –04:50, 5 अक्टू॰
  • धनम्धन04:50, 5 अक्टू॰ –06:21, 5 अक्टू॰

जयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

गौरी पंचांगम

तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।

गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर

गौरी पंचांगम क्या है?

तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।

जयपुर में 4 अक्टूबर 2027 का गौरी पंचांगम क्या है?

सूर्योदय 06:21, सूर्यास्त 18:10।

गौरी पंचांगम — अन्य शहर