गौरी पंचांगम · जयपुर
गुरुवार, 30 सितंबर 202706:1918:15
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 06:19
- धनम्धन06:19 –07:48
- सुगम्शुभ07:48 –09:18
- सोरम्अशुभ09:18 –10:47
- उथिशुभ10:47 –12:17
- अमिर्दाश्रेष्ठ12:17 –13:46
- विषम्अशुभ13:46 –15:16राहुकाल
- रोगम्अनिष्ट15:16 –16:45
- लाभम्लाभ16:45 –18:15
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 18:15
- अमिर्दाश्रेष्ठ18:15 –19:45
- विषम्अशुभ19:45 –21:16
- रोगम्अनिष्ट21:16 –22:46
- लाभम्लाभ22:46 –00:17, 1 अक्टू॰
- धनम्धन00:17, 1 अक्टू॰ –01:48, 1 अक्टू॰
- सुगम्शुभ01:48, 1 अक्टू॰ –03:18, 1 अक्टू॰
- सोरम्अशुभ03:18, 1 अक्टू॰ –04:49, 1 अक्टू॰
- उथिशुभ04:49, 1 अक्टू॰ –06:19, 1 अक्टू॰
जयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
जयपुर में 30 सितंबर 2027 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 06:19, सूर्यास्त 18:15।