गौरी पंचांगम · जयपुर
बुधवार, 21 अक्टूबर 202606:3017:53
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 06:30
- लाभम्लाभ06:30 –07:55
- धनम्धन07:55 –09:20
- सुगम्शुभ09:20 –10:46
- सोरम्अशुभ10:46 –12:11
- विषम्अशुभ12:11 –13:37राहुकाल
- उथिशुभ13:37 –15:02
- अमिर्दाश्रेष्ठ15:02 –16:28
- रोगम्अनिष्ट16:28 –17:53
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 17:53
- उथिशुभ17:53 –19:28
- अमिर्दाश्रेष्ठ19:28 –21:02
- रोगम्अनिष्ट21:02 –22:37
- लाभम्लाभ22:37 –00:12, 22 अक्टू॰
- धनम्धन00:12, 22 अक्टू॰ –01:46, 22 अक्टू॰
- सुगम्शुभ01:46, 22 अक्टू॰ –03:21, 22 अक्टू॰
- सोरम्अशुभ03:21, 22 अक्टू॰ –04:56, 22 अक्टू॰
- विषम्अशुभ04:56, 22 अक्टू॰ –06:30, 22 अक्टू॰
जयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
जयपुर में 21 अक्टूबर 2026 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 06:30, सूर्यास्त 17:53।