गौरी पंचांगम · जयपुर
रविवार, 18 अक्टूबर 202606:2817:56
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 06:28
- उथिशुभ06:28 –07:54
- अमिर्दाश्रेष्ठ07:54 –09:20
- रोगम्अनिष्ट09:20 –10:46
- लाभम्लाभ10:46 –12:12
- धनम्धन12:12 –13:38
- सुगम्शुभ13:38 –15:04
- सोरम्अशुभ15:04 –16:30
- विषम्अशुभ16:30 –17:56राहुकाल
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 17:56
- धनम्धन17:56 –19:30
- सुगम्शुभ19:30 –21:04
- सोरम्अशुभ21:04 –22:38
- विषम्अशुभ22:38 –00:12, 19 अक्टू॰
- उथिशुभ00:12, 19 अक्टू॰ –01:46, 19 अक्टू॰
- अमिर्दाश्रेष्ठ01:46, 19 अक्टू॰ –03:20, 19 अक्टू॰
- रोगम्अनिष्ट03:20, 19 अक्टू॰ –04:54, 19 अक्टू॰
- लाभम्लाभ04:54, 19 अक्टू॰ –06:28, 19 अक्टू॰
जयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
जयपुर में 18 अक्टूबर 2026 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 06:28, सूर्यास्त 17:56।