गौरी पंचांगम · जयपुर
शुक्रवार, 16 अक्टूबर 202606:2717:58
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 06:27
- सुगम्शुभ06:27 –07:53
- सोरम्अशुभ07:53 –09:20
- उथिशुभ09:20 –10:46
- विषम्अशुभ10:46 –12:12राहुकाल
- अमिर्दाश्रेष्ठ12:12 –13:39
- रोगम्अनिष्ट13:39 –15:05
- लाभम्लाभ15:05 –16:31
- धनम्धन16:31 –17:58
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 17:58
- रोगम्अनिष्ट17:58 –19:31
- लाभम्लाभ19:31 –21:05
- धनम्धन21:05 –22:39
- सुगम्शुभ22:39 –00:13, 17 अक्टू॰
- सोरम्अशुभ00:13, 17 अक्टू॰ –01:46, 17 अक्टू॰
- उथिशुभ01:46, 17 अक्टू॰ –03:20, 17 अक्टू॰
- विषम्अशुभ03:20, 17 अक्टू॰ –04:54, 17 अक्टू॰
- अमिर्दाश्रेष्ठ04:54, 17 अक्टू॰ –06:27, 17 अक्टू॰
जयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
जयपुर में 16 अक्टूबर 2026 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 06:27, सूर्यास्त 17:58।