गौरी पंचांगम · जयपुर
गुरुवार, 15 अक्टूबर 202606:2617:59
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 06:26
- धनम्धन06:26 –07:53
- सुगम्शुभ07:53 –09:19
- सोरम्अशुभ09:19 –10:46
- उथिशुभ10:46 –12:12
- अमिर्दाश्रेष्ठ12:12 –13:39
- विषम्अशुभ13:39 –15:06राहुकाल
- रोगम्अनिष्ट15:06 –16:32
- लाभम्लाभ16:32 –17:59
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 17:59
- अमिर्दाश्रेष्ठ17:59 –19:32
- विषम्अशुभ19:32 –21:06
- रोगम्अनिष्ट21:06 –22:39
- लाभम्लाभ22:39 –00:13, 16 अक्टू॰
- धनम्धन00:13, 16 अक्टू॰ –01:46, 16 अक्टू॰
- सुगम्शुभ01:46, 16 अक्टू॰ –03:20, 16 अक्टू॰
- सोरम्अशुभ03:20, 16 अक्टू॰ –04:53, 16 अक्टू॰
- उथिशुभ04:53, 16 अक्टू॰ –06:27, 16 अक्टू॰
जयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
जयपुर में 15 अक्टूबर 2026 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 06:26, सूर्यास्त 17:59।