गौरी पंचांगम · जयपुर
रविवार, 11 अक्टूबर 202606:2418:03
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 06:24
- उथिशुभ06:24 –07:51
- अमिर्दाश्रेष्ठ07:51 –09:19
- रोगम्अनिष्ट09:19 –10:46
- लाभम्लाभ10:46 –12:13
- धनम्धन12:13 –13:41
- सुगम्शुभ13:41 –15:08
- सोरम्अशुभ15:08 –16:35
- विषम्अशुभ16:35 –18:03राहुकाल
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 18:03
- धनम्धन18:03 –19:36
- सुगम्शुभ19:36 –21:08
- सोरम्अशुभ21:08 –22:41
- विषम्अशुभ22:41 –00:14, 12 अक्टू॰
- उथिशुभ00:14, 12 अक्टू॰ –01:46, 12 अक्टू॰
- अमिर्दाश्रेष्ठ01:46, 12 अक्टू॰ –03:19, 12 अक्टू॰
- रोगम्अनिष्ट03:19, 12 अक्टू॰ –04:52, 12 अक्टू॰
- लाभम्लाभ04:52, 12 अक्टू॰ –06:25, 12 अक्टू॰
जयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
जयपुर में 11 अक्टूबर 2026 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 06:24, सूर्यास्त 18:03।