गौरी पंचांगम · जयपुर
रविवार, 4 अक्टूबर 202606:2118:10
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 06:21
- उथिशुभ06:21 –07:49
- अमिर्दाश्रेष्ठ07:49 –09:18
- रोगम्अनिष्ट09:18 –10:47
- लाभम्लाभ10:47 –12:15
- धनम्धन12:15 –13:44
- सुगम्शुभ13:44 –15:13
- सोरम्अशुभ15:13 –16:42
- विषम्अशुभ16:42 –18:10राहुकाल
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 18:10
- धनम्धन18:10 –19:42
- सुगम्शुभ19:42 –21:13
- सोरम्अशुभ21:13 –22:44
- विषम्अशुभ22:44 –00:16, 5 अक्टू॰
- उथिशुभ00:16, 5 अक्टू॰ –01:47, 5 अक्टू॰
- अमिर्दाश्रेष्ठ01:47, 5 अक्टू॰ –03:18, 5 अक्टू॰
- रोगम्अनिष्ट03:18, 5 अक्टू॰ –04:50, 5 अक्टू॰
- लाभम्लाभ04:50, 5 अक्टू॰ –06:21, 5 अक्टू॰
जयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
जयपुर में 4 अक्टूबर 2026 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 06:21, सूर्यास्त 18:10।