गौरी पंचांगम · जयपुर
शुक्रवार, 2 अक्टूबर 202606:2018:12
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 06:20
- सुगम्शुभ06:20 –07:49
- सोरम्अशुभ07:49 –09:18
- उथिशुभ09:18 –10:47
- विषम्अशुभ10:47 –12:16राहुकाल
- अमिर्दाश्रेष्ठ12:16 –13:45
- रोगम्अनिष्ट13:45 –15:14
- लाभम्लाभ15:14 –16:43
- धनम्धन16:43 –18:12
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 18:12
- रोगम्अनिष्ट18:12 –19:43
- लाभम्लाभ19:43 –21:14
- धनम्धन21:14 –22:45
- सुगम्शुभ22:45 –00:16, 3 अक्टू॰
- सोरम्अशुभ00:16, 3 अक्टू॰ –01:47, 3 अक्टू॰
- उथिशुभ01:47, 3 अक्टू॰ –03:18, 3 अक्टू॰
- विषम्अशुभ03:18, 3 अक्टू॰ –04:49, 3 अक्टू॰
- अमिर्दाश्रेष्ठ04:49, 3 अक्टू॰ –06:20, 3 अक्टू॰
जयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
जयपुर में 2 अक्टूबर 2026 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 06:20, सूर्यास्त 18:12।