गौरी पंचांगम · जयपुर
शुक्रवार, 4 सितंबर 202606:0718:44
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 06:07
- सुगम्शुभ06:07 –07:42
- सोरम्अशुभ07:42 –09:17
- उथिशुभ09:17 –10:51
- विषम्अशुभ10:51 –12:26राहुकाल
- अमिर्दाश्रेष्ठ12:26 –14:00
- रोगम्अनिष्ट14:00 –15:35
- लाभम्लाभ15:35 –17:09
- धनम्धन17:09 –18:44
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 18:44
- रोगम्अनिष्ट18:44 –20:10
- लाभम्लाभ20:10 –21:35
- धनम्धन21:35 –23:00
- सुगम्शुभ23:00 –00:26, 5 सित॰
- सोरम्अशुभ00:26, 5 सित॰ –01:51, 5 सित॰
- उथिशुभ01:51, 5 सित॰ –03:17, 5 सित॰
- विषम्अशुभ03:17, 5 सित॰ –04:42, 5 सित॰
- अमिर्दाश्रेष्ठ04:42, 5 सित॰ –06:08, 5 सित॰
जयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
जयपुर में 4 सितंबर 2026 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 06:07, सूर्यास्त 18:44।