गौरी पंचांगम · जयपुर
मंगलवार, 4 अगस्त 202605:5319:13
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 05:53
- रोगम्अनिष्ट05:53 –07:33
- लाभम्लाभ07:33 –09:13
- धनम्धन09:13 –10:53
- सुगम्शुभ10:53 –12:33
- सोरम्अशुभ12:33 –14:13
- उथिशुभ14:13 –15:53
- विषम्अशुभ15:53 –17:33राहुकाल
- अमिर्दाश्रेष्ठ17:33 –19:13
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 19:13
- सोरम्अशुभ19:13 –20:33
- उथिशुभ20:33 –21:53
- विषम्अशुभ21:53 –23:13
- अमिर्दाश्रेष्ठ23:13 –00:33, 5 अग॰
- रोगम्अनिष्ट00:33, 5 अग॰ –01:53, 5 अग॰
- लाभम्लाभ01:53, 5 अग॰ –03:13, 5 अग॰
- धनम्धन03:13, 5 अग॰ –04:33, 5 अग॰
- सुगम्शुभ04:33, 5 अग॰ –05:53, 5 अग॰
जयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
जयपुर में 4 अगस्त 2026 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 05:53, सूर्यास्त 19:13।