गौरी पंचांगम · जयपुर
शुक्रवार, 4 जुलाई 202505:3819:25
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 05:38
- सुगम्शुभ05:38 –07:21
- सोरम्अशुभ07:21 –09:04
- उथिशुभ09:04 –10:48
- विषम्अशुभ10:48 –12:31राहुकाल
- अमिर्दाश्रेष्ठ12:31 –14:15
- रोगम्अनिष्ट14:15 –15:58
- लाभम्लाभ15:58 –17:41
- धनम्धन17:41 –19:25
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 19:25
- रोगम्अनिष्ट19:25 –20:42
- लाभम्लाभ20:42 –21:58
- धनम्धन21:58 –23:15
- सुगम्शुभ23:15 –00:31, 5 जुल॰
- सोरम्अशुभ00:31, 5 जुल॰ –01:48, 5 जुल॰
- उथिशुभ01:48, 5 जुल॰ –03:05, 5 जुल॰
- विषम्अशुभ03:05, 5 जुल॰ –04:21, 5 जुल॰
- अमिर्दाश्रेष्ठ04:21, 5 जुल॰ –05:38, 5 जुल॰
जयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
जयपुर में 4 जुलाई 2025 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 05:38, सूर्यास्त 19:25।