गौरी पंचांगम · जयपुर
बुधवार, 30 अप्रैल 202505:4918:59
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 05:49
- लाभम्लाभ05:49 –07:28
- धनम्धन07:28 –09:07
- सुगम्शुभ09:07 –10:46
- सोरम्अशुभ10:46 –12:24
- विषम्अशुभ12:24 –14:03राहुकाल
- उथिशुभ14:03 –15:42
- अमिर्दाश्रेष्ठ15:42 –17:20
- रोगम्अनिष्ट17:20 –18:59
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 18:59
- उथिशुभ18:59 –20:20
- अमिर्दाश्रेष्ठ20:20 –21:41
- रोगम्अनिष्ट21:41 –23:03
- लाभम्लाभ23:03 –00:24, 1 मई
- धनम्धन00:24, 1 मई –01:45, 1 मई
- सुगम्शुभ01:45, 1 मई –03:06, 1 मई
- सोरम्अशुभ03:06, 1 मई –04:27, 1 मई
- विषम्अशुभ04:27, 1 मई –05:49, 1 मई
जयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
जयपुर में 30 अप्रैल 2025 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 05:49, सूर्यास्त 18:59।