गौरी पंचांगम · जयपुर
सोमवार, 31 मार्च 202506:1918:44
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 06:19
- अमिर्दाश्रेष्ठ06:19 –07:52
- विषम्अशुभ07:52 –09:25राहुकाल
- रोगम्अनिष्ट09:25 –10:58
- लाभम्लाभ10:58 –12:31
- धनम्धन12:31 –14:04
- सुगम्शुभ14:04 –15:37
- सोरम्अशुभ15:37 –17:10
- उथिशुभ17:10 –18:44
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 18:44
- सुगम्शुभ18:44 –20:10
- सोरम्अशुभ20:10 –21:37
- उथिशुभ21:37 –23:04
- अमिर्दाश्रेष्ठ23:04 –00:31, 1 अप्रैल
- विषम्अशुभ00:31, 1 अप्रैल –01:57, 1 अप्रैल
- रोगम्अनिष्ट01:57, 1 अप्रैल –03:24, 1 अप्रैल
- लाभम्लाभ03:24, 1 अप्रैल –04:51, 1 अप्रैल
- धनम्धन04:51, 1 अप्रैल –06:18, 1 अप्रैल
जयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
जयपुर में 31 मार्च 2025 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 06:19, सूर्यास्त 18:44।