गौरी पंचांगम · जयपुर
बुधवार, 30 अक्टूबर 202406:3517:45
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 06:35
- लाभम्लाभ06:35 –07:59
- धनम्धन07:59 –09:23
- सुगम्शुभ09:23 –10:47
- सोरम्अशुभ10:47 –12:10
- विषम्अशुभ12:10 –13:34राहुकाल
- उथिशुभ13:34 –14:58
- अमिर्दाश्रेष्ठ14:58 –16:21
- रोगम्अनिष्ट16:21 –17:45
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 17:45
- उथिशुभ17:45 –19:22
- अमिर्दाश्रेष्ठ19:22 –20:58
- रोगम्अनिष्ट20:58 –22:34
- लाभम्लाभ22:34 –00:11, 31 अक्टू॰
- धनम्धन00:11, 31 अक्टू॰ –01:47, 31 अक्टू॰
- सुगम्शुभ01:47, 31 अक्टू॰ –03:23, 31 अक्टू॰
- सोरम्अशुभ03:23, 31 अक्टू॰ –05:00, 31 अक्टू॰
- विषम्अशुभ05:00, 31 अक्टू॰ –06:36, 31 अक्टू॰
जयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
जयपुर में 30 अक्टूबर 2024 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 06:35, सूर्यास्त 17:45।