गौरी पंचांगम · जयपुर

गुरुवार, 3 अक्टूबर 202406:2018:11

दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 06:20
  • धनम्धन06:20 –07:49
  • सुगम्शुभ07:49 –09:18
  • सोरम्अशुभ09:18 –10:47
  • उथिशुभ10:47 –12:16
  • अमिर्दाश्रेष्ठ12:16 –13:44
  • विषम्अशुभ13:44 –15:13राहुकाल
  • रोगम्अनिष्ट15:13 –16:42
  • लाभम्लाभ16:42 –18:11
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 18:11
  • अमिर्दाश्रेष्ठ18:11 –19:42
  • विषम्अशुभ19:42 –21:13
  • रोगम्अनिष्ट21:13 –22:45
  • लाभम्लाभ22:45 –00:16, 4 अक्टू॰
  • धनम्धन00:16, 4 अक्टू॰ –01:47, 4 अक्टू॰
  • सुगम्शुभ01:47, 4 अक्टू॰ –03:18, 4 अक्टू॰
  • सोरम्अशुभ03:18, 4 अक्टू॰ –04:50, 4 अक्टू॰
  • उथिशुभ04:50, 4 अक्टू॰ –06:21, 4 अक्टू॰

जयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

गौरी पंचांगम

तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।

गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर

गौरी पंचांगम क्या है?

तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।

जयपुर में 3 अक्टूबर 2024 का गौरी पंचांगम क्या है?

सूर्योदय 06:20, सूर्यास्त 18:11।

गौरी पंचांगम — अन्य शहर