गौरी पंचांगम · जयपुर
सोमवार, 30 सितंबर 202406:1918:14
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 06:19
- अमिर्दाश्रेष्ठ06:19 –07:48
- विषम्अशुभ07:48 –09:18राहुकाल
- रोगम्अनिष्ट09:18 –10:47
- लाभम्लाभ10:47 –12:17
- धनम्धन12:17 –13:46
- सुगम्शुभ13:46 –15:15
- सोरम्अशुभ15:15 –16:45
- उथिशुभ16:45 –18:14
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 18:14
- सुगम्शुभ18:14 –19:45
- सोरम्अशुभ19:45 –21:15
- उथिशुभ21:15 –22:46
- अमिर्दाश्रेष्ठ22:46 –00:17, 1 अक्टू॰
- विषम्अशुभ00:17, 1 अक्टू॰ –01:47, 1 अक्टू॰
- रोगम्अनिष्ट01:47, 1 अक्टू॰ –03:18, 1 अक्टू॰
- लाभम्लाभ03:18, 1 अक्टू॰ –04:49, 1 अक्टू॰
- धनम्धन04:49, 1 अक्टू॰ –06:19, 1 अक्टू॰
जयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
जयपुर में 30 सितंबर 2024 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 06:19, सूर्यास्त 18:14।