गौरी पंचांगम · जयपुर
बुधवार, 4 सितंबर 202406:0818:44
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 06:08
- लाभम्लाभ06:08 –07:42
- धनम्धन07:42 –09:17
- सुगम्शुभ09:17 –10:51
- सोरम्अशुभ10:51 –12:26
- विषम्अशुभ12:26 –14:00राहुकाल
- उथिशुभ14:00 –15:35
- अमिर्दाश्रेष्ठ15:35 –17:09
- रोगम्अनिष्ट17:09 –18:44
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 18:44
- उथिशुभ18:44 –20:09
- अमिर्दाश्रेष्ठ20:09 –21:35
- रोगम्अनिष्ट21:35 –23:00
- लाभम्लाभ23:00 –00:26, 5 सित॰
- धनम्धन00:26, 5 सित॰ –01:51, 5 सित॰
- सुगम्शुभ01:51, 5 सित॰ –03:17, 5 सित॰
- सोरम्अशुभ03:17, 5 सित॰ –04:43, 5 सित॰
- विषम्अशुभ04:43, 5 सित॰ –06:08, 5 सित॰
जयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
जयपुर में 4 सितंबर 2024 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 06:08, सूर्यास्त 18:44।