गौरी पंचांगम · जयपुर

मंगलवार, 3 सितंबर 202406:0718:45

दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 06:07
  • रोगम्अनिष्ट06:07 –07:42
  • लाभम्लाभ07:42 –09:17
  • धनम्धन09:17 –10:51
  • सुगम्शुभ10:51 –12:26
  • सोरम्अशुभ12:26 –14:01
  • उथिशुभ14:01 –15:35
  • विषम्अशुभ15:35 –17:10राहुकाल
  • अमिर्दाश्रेष्ठ17:10 –18:45
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 18:45
  • सोरम्अशुभ18:45 –20:10
  • उथिशुभ20:10 –21:35
  • विषम्अशुभ21:35 –23:01
  • अमिर्दाश्रेष्ठ23:01 –00:26, 4 सित॰
  • रोगम्अनिष्ट00:26, 4 सित॰ –01:52, 4 सित॰
  • लाभम्लाभ01:52, 4 सित॰ –03:17, 4 सित॰
  • धनम्धन03:17, 4 सित॰ –04:42, 4 सित॰
  • सुगम्शुभ04:42, 4 सित॰ –06:08, 4 सित॰

जयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

गौरी पंचांगम

तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।

गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर

गौरी पंचांगम क्या है?

तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।

जयपुर में 3 सितंबर 2024 का गौरी पंचांगम क्या है?

सूर्योदय 06:07, सूर्यास्त 18:45।

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