गौरी पंचांगम · जयपुर
गुरुवार, 4 अप्रैल 202406:1418:46
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 06:14
- धनम्धन06:14 –07:48
- सुगम्शुभ07:48 –09:22
- सोरम्अशुभ09:22 –10:56
- उथिशुभ10:56 –12:30
- अमिर्दाश्रेष्ठ12:30 –14:04
- विषम्अशुभ14:04 –15:38राहुकाल
- रोगम्अनिष्ट15:38 –17:12
- लाभम्लाभ17:12 –18:46
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 18:46
- अमिर्दाश्रेष्ठ18:46 –20:12
- विषम्अशुभ20:12 –21:38
- रोगम्अनिष्ट21:38 –23:03
- लाभम्लाभ23:03 –00:29, 5 अप्रैल
- धनम्धन00:29, 5 अप्रैल –01:55, 5 अप्रैल
- सुगम्शुभ01:55, 5 अप्रैल –03:21, 5 अप्रैल
- सोरम्अशुभ03:21, 5 अप्रैल –04:47, 5 अप्रैल
- उथिशुभ04:47, 5 अप्रैल –06:13, 5 अप्रैल
जयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
जयपुर में 4 अप्रैल 2024 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 06:14, सूर्यास्त 18:46।