गौरी पंचांगम · जयपुर
रविवार, 30 अप्रैल 202305:5018:59
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 05:50
- उथिशुभ05:50 –07:28
- अमिर्दाश्रेष्ठ07:28 –09:07
- रोगम्अनिष्ट09:07 –10:46
- लाभम्लाभ10:46 –12:24
- धनम्धन12:24 –14:03
- सुगम्शुभ14:03 –15:42
- सोरम्अशुभ15:42 –17:20
- विषम्अशुभ17:20 –18:59राहुकाल
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 18:59
- धनम्धन18:59 –20:20
- सुगम्शुभ20:20 –21:41
- सोरम्अशुभ21:41 –23:03
- विषम्अशुभ23:03 –00:24, 1 मई
- उथिशुभ00:24, 1 मई –01:45, 1 मई
- अमिर्दाश्रेष्ठ01:45, 1 मई –03:06, 1 मई
- रोगम्अनिष्ट03:06, 1 मई –04:28, 1 मई
- लाभम्लाभ04:28, 1 मई –05:49, 1 मई
जयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
जयपुर में 30 अप्रैल 2023 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 05:50, सूर्यास्त 18:59।