दो घटी मुहूर्त · प्रयागराज
शुक्रवार, 20 दिसंबर 202406:4417:17
दिनसूर्योदय से · 06:44
- 1Rudraप्रातः06:44 –07:26
- 2Ahiप्रातः07:26 –08:08
- 3Mitraप्रातः08:08 –08:50
- 4Pitriसंगव08:50 –09:33
- 5Vasuसंगव09:33 –10:15
- 6Varahaसंगव10:15 –10:57
- 7Vishvedevaमध्याह्न10:57 –11:39
- 8Vidhiअभिजितमध्याह्न11:39 –12:21
- 9Satamukhiमध्याह्न12:21 –13:04
- 10Puruhutaअपराह्न13:04 –13:46
- 11Vahiniविजयअपराह्न13:46 –14:28
- 12Naktanakaraअपराह्न14:28 –15:10
- 13Varunaसायाह्न15:10 –15:53
- 14Aryamanसायाह्न15:53 –16:35
- 15Bhagaसायाह्न16:35 –17:17
रातसूर्यास्त से · 17:17
- 1Girishaसायाह्न संध्याप्रदोष17:17 –18:11
- 2Ajapadaप्रदोष18:11 –19:05
- 3Ahirbudhnyaप्रदोष19:05 –19:58
- 4Pushyaरात्रि19:58 –20:52
- 5Ashviniरात्रि20:52 –21:46
- 6Yamaरात्रि21:46 –22:40
- 7Agniरात्रि22:40 –23:34
- 8Vidhatriमहानिशीथनिशीथ (मध्यरात्रि)23:34 –00:27, 21 दिस॰
- 9Kandaरात्रि00:27, 21 दिस॰ –01:21, 21 दिस॰
- 10Aditiरात्रि01:21, 21 दिस॰ –02:15, 21 दिस॰
- 11Jivaरात्रि02:15, 21 दिस॰ –03:09, 21 दिस॰
- 12Vishnuरात्रि03:09, 21 दिस॰ –04:03, 21 दिस॰
- 13Dyumadgadyutiरात्रि04:03, 21 दिस॰ –04:57, 21 दिस॰
- 14Brahmaब्रह्म मुहूर्तअरुणोदय (भोर)04:57, 21 दिस॰ –05:50, 21 दिस॰
- 15Samudraप्रातः संध्याअरुणोदय (भोर)05:50, 21 दिस॰ –06:44, 21 दिस॰
प्रयागराज के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
दो घटी मुहूर्त
सूर्योदय से सूर्यास्त तक का दिन और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक की रात, प्रत्येक पंद्रह मुहूर्तों की है और हर मुहूर्त दो घटी (लगभग 48 मिनट) का। प्रत्येक मुहूर्त का अपना देवता है; दिन का आठवाँ अभिजित है और रात का चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त।
इस दिन के लिए और
दो घटी मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर
दो घटी मुहूर्त क्या है?
सूर्योदय से सूर्यास्त तक का दिन और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक की रात, प्रत्येक पंद्रह मुहूर्तों की है और हर मुहूर्त दो घटी (लगभग 48 मिनट) का। प्रत्येक मुहूर्त का अपना देवता है; दिन का आठवाँ अभिजित है और रात का चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त।
प्रयागराज में 20 दिसंबर 2024 का दो घटी मुहूर्त क्या है?
सूर्योदय 06:44, सूर्यास्त 17:17।